बिहार के लोग तो कमाल हैं ही, सब्जियो कमाल किये हुए है। जी हाँ, बिहार की इस सब्जी ने देश ही नहीं विदेश में भी कमाल कर दिया है।
ये सब्जी कोई और नहीं, सबकी पसंदीदा सहजन ही है। अब इतना चौंकिए मत, सहजन का गुण तो हम सभी जानते ही हैं बाकी थोड़ा बच्चा सब नहीं जानता है। लेकिन ये खबर जरूर पढ़ाइये उन बच्चों को जो इस को सब्जी खाने में नाक सिकोड़ लेते हैं।
सहजन की इस सब्जी पर शोध करने मेक्सिको से वैज्ञानिकों की एक टीम आई है बगहा में जहां वो लोग करीब एक हफ्ते तक रुक कर इसपे शोध करेंगे। वैज्ञानिक टीम के लीडर वनस्पति विज्ञानी मार्क ई. आंलसन ने कहा कि सहजन विटामिन और प्रोटीन से भरा अद्भुत क्षमता रखने वाला पौधा है। पत्ते चबाते हुए उन्होंने कहा कि इसकी सब्जी ही नहीं, फूल व पत्ते से लेकर तने तक में गुणों की भरमार है।
शोधपत्र का हवाला देते हुए कहा की सहजन सेहत के लिए बहुत ही लाभदायक है। इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी-टोक्सिन और एंटीबायोटिक की भरपूर मात्रा होती है। वही विटामिन ए, बी, सी सहित श्वेत रक्त कण को मजबूत करने की बेजोड़ क्षमता है।
हम और आप जानते ही हैं की सहजन की खेती बिहार में एक सामान्य प्रक्रिया है। लेकिन विशेष रूप से यह पौधा गोबर्धना, दोन और मंचचंगवा में सालों भर उपजाया जाता है। आमतौर पर हमारे किसान भाई इसके गुण के बारे में कम हीं जानते हैं और बाकी लोग भुईली के डर से इससे दूर रहना चाहते हैं। लेकिन शायद इस शोध टीम के आने से लोग इसके बारे में और भी जान गए होंगे (अरे भइया अब हम ही बता दिए ना) और इसकी खेती में जोर आएगा। यहाँ अब बता दें कि कुछ सहजन सालों भर पाये जाते हैं।
तो बच्चा लोग अब सहजन चूसना शुरू कर दो काहे की यही इसका देसी तरीका है खाने का। और ई विदेशी लोग को भी बता दें कि बिहार में और भी बहुत कुछ है शोध करने को। थक जाओगे मर्दे लेकिन यहाँ की विशेषता खत्म नहीं होगी।



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